Hill Station Saputara - सापुतारा हिल स्टेशन
क्या आप गुजरात के Hill Station Saputara घूमने की योजना बना रहे हैं?बेहद खूबसूरत है गुजरात का यह एक मात्र हिल स्टेशन, जिसका नाम है सापुतारा | हम आप को जानकारी देंगे की जब आप सापुतारा हिल स्टेशन पहुंचें तो क्या करें और देखें? इस आर्टिकल में हम आप को Hill Station Saputara के बार जानकारी देंगी जिससे आप की यहाँ यात्रा एक यादगार अनुभव रहे - सापूतारा की पहाड़ियों के लिए व्यापक यात्रा गाइड।

भारत में सह्याद्री पहाड़ों के बीच में स्थित, यह हिल स्टेशन भारत के पश्चमी राज्य महाराष्ट्र की सीमा में गुजरात में स्थित एक मात्र हिल स्टेशन है - सापुतारा हिल स्टेशन | यहाँ की विशाल और सुंदर झील, मखमली घास के मैदानों से घिरी हुई हरी-भरी पहाड़ियाँ, और कई मानसून-आधारित झरने, सापुतारा के हिल स्टेशन एक सुंदर दृश्य बनाते है।
प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर यह हिल स्टेशन यहाँ आने वालो को मंत्रमुग्ध करने में कोई कसर नहीं छोड़ता | सच कहे तो यह प्रकृति किसे कलाकार से काम नहीं| यहाँ आपको मूल जनजातियों, स्थानीय भोजन और जातीय कला की समृद्ध संस्कृति एक अलग अनुभव प्रदान करने के लिए आप के स्वागत में खड़ी होगी | कुछ ऐसे ही अनुभव है सापुतारा का, और इसी लिए इसको गुजरात का छिपा हुआ रत्न भी कहा जाय तो सुच बात होगी | यहाँ भारत में मेरे द्वारा देखे गए सबसे खूबसूरत हिल स्टेशनों में से एक है। तो सुरु करते है अपना आज का सफर|
Introduction of Saputara - सापुतारा की सूक्ष्म जानकारी
सापुतारा, गुजरात के डांग जिले में स्थित एक बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन है। यह पश्चमी घाटों के बीच में स्थित सह्याद्री पर्वत श्रृंखला के रूप में भी जाना जाता है | यह 3000 फ़ीट की ऊंचाई पर स्थित जगह है, जो गुजरात की शुष्क गर्मी और महाराष्ट्र की नम मानसून से मिलकर बानी है | यहाँ अपने हरे भरे जंगलो, दिलचस्प पहाड़ो, और मनमोहक झरनो के लिए जानी जाती है, और ये सब इसको प्रदान करते है मॉनसून | जो हर साल इस स्थान को एक नया जीवन देते है | मॉनसून आने के बाद यहाँ कई प्रकार के फूल खिलते है, झरनो में मानो प्राण आ जाते है, प्रकृति की हरी चादर इस पुरे सहर को अपने में समां लेती है | यही समय होता है जब इन पहाड़ो की खूबसूरती अपने चरम पर होती है |
गुजरात के साथ साथ भारत के भी खूबसूरत hill stations में से एक है | दिलचस्प बात यह है कि यह मुंबई से सिर्फ 6 घंटे की दूरी पर है, लेकिन अहमदाबाद से 8 घंटे की दूरी पर है | इसी लिए हर साल लाखो पर्यटक आकर्षणों और प्राकृतिक सुंदरता को देखने यहाँ आया करते है | यह इको-प्रेमियों, वन्यजीव उत्साही और एडवेंचर लवर्स के लिए स्वर्ग से काम नहीं है | इसके आस पास के स्थान भी घूमने के लिए काफी अद्भुद माने जाते है |
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Saputara Hill Station places to visit - सापुतारा हिल स्टेशन में देखने लायक स्थान
Sun Set Point/ Table point
सापुतारा हिल स्टेशन का Sun Set Point सूर्यास्त प्रेमियों के लिए काफी प्रसिद्द है | यह प्रसिद्द Table Point के नाम से भी जाना जाता है , क्यों की यहाँ पहाड़ पर एक समतल जगह है जो टेबल टॉप की तरह दिखती है | यहाँ से आप को शानदार जगहों का 360* दृश्य देखने को मिलता है | आप यहाँ से स्वामी नारायण मंदिर , झील के साथ शहर और उसके साथ ही पहाड़ो का नजारा भी ले सकते है | यहाँ गाँधी शिखर के नाम से भी जाना जाता है | अपने किसे खास के साथ अगर आप यहाँ सुन सेट का आनंद लेने जाते है तो आप को यहाँ थोड़ा ज्यादा वक्त रुकना होगा या फिर आप इस जहग की खूबसूरती देख कर भी वापस आ सकते है | यहाँ खास रूप से पर्यटकों के लिए बनाया गया है तो आप को यहाँ अन्य गतिविधियाँ भी देखने को मिलेंगी जैसे ऊँट और घोड़े की सवारी, साइकिल चलाना, खाने की जगह, और बच्चों के खेलने के क्षेत्र आदि | यहाँ छुट्टियों में और वीकेंड में ज्यादा भीड़ होती है , अच्छी बात यहाँ है की यहाँ पर्यटकों के लिए सार्वजनिक शुचालयो (Toilets) की भी पूरी सुविधा दी गई है |
यहाँ रोपवे के माध्यम से 10 मिनट और ट्रेकिंग कर के 30 मिनिट में पंहुचा जा सकता है, इसके साथ ही आप अपने निजी वहां को भी टेबल पॉइंट तक ले जा सकते है | सुविधा को देखते हुए लोग यहाँ ज्यादातर Rope way लेना पसंद करते है | बड़े वाहनों को इस स्थान से दूर पार्किंग दी गई है | तो जब भी यहाँ जाने का मन हो तो रोपवे का आनंद जरूर ले |
Sunrise Point
सनराइज पॉइंट, जिसे वैली व्यू पॉइंट (Valley View Point) के नाम से भी जाना जाता है, एक और हिलटॉप डेस्टिनेशन है जहाँ से आप नीचे घाटी के सुंदर दृश्य देख सकते हैं। जैसे ही सूर्य पहाडिय़ों के पीछे से उगता हुआ ऊपर निकलता है, ऐसा लगता है मनो सपुतारा एक सुंदर सुनहरे रंग में स्नान कर रहा हो । आप गजभिषेक जैन तीर्थ मंदिर से लगभग 1 किमी लंबी पैदल यात्रा करके सनराइज पॉइंट तक पहुँच सकते हैं।
आप यहाँ पुष्पक रोपवे द्वारा जा सकते है जो एक अलग ही अनुभव प्रदान करेगा , और मज़ा हो भी क्यों न हिल रोपवे मिल जाय तो ऊंचाई से नजारा और भी रोमांचित होता है | यह केबल कार की सवारी सनसेट पॉइंट से शुरू होती है और सनराइज पॉइंट और गवर्नर हिल तक जाती है।
Gira waterfall
Gira Falls गुजरात के खूबसूरत झरनो में से एक है , यह कापरी की सहायक नदी से निकलता है और अम्बिका नदी में गिर जाता है | यहाँ लगभग 75 फ़ीट ऊँचा झरना है | यह डांग जिले के सापुतारा में वाघई टाउन से लगभग 3 किमी की दूरी पर उत्तर-पश्चिम में स्थित है | यहाँ आप किनारो पर एक आसान से ट्रेकिंग का भी आनंद ले सकते है , हरी घास के मैदान ,उबड़ खाबड़ चट्टानी रस्ते , नदियों को प्रचंड आवाजे , और कुछ आदिवासी घर आप को ट्रैकिंग का एक अलग ही आयाम प्रदान करते है |
यहाँ जाने का सबसे अच्छा समय मॉनसून ही है क्यों की उस समय नदियां अपने चरम पर होती है और यहाँ स्थान अपने आप को हरियाली से ढके रहता है |नदी में बहते पानी का बहाव इतना अधिक होता है की वह आस पास कोहरे की चादर बना लेता है , और यहाँ दृष्य मन मोहा लेता है | जीरा फॉल्स बांस की कलाकृतियां, बांस का अचार और नचनी पापड़ जैसी स्थानीय स्मृति चिन्ह खरीदने के लिए भी एक बेहतरीन जगह है। सापुतारा से सूरत की यात्रा करने वाले लोगों के लिए एक शानदार पड़ाव है।
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Saputara Lake
सापुतारा में यहाँ की सापुतारा झील घूमने लायक स्थानों में सबसे लोकप्रिय स्थान है | जिसे शहर का दिल भी बोल सकते है | यहाँ नैनीताल की तरह ही पर्यटक बड़ी मात्रा में बोटिंग करने आते है, इसके साथ ही यहाँ साइकिलिंग और किड बाइकिंग करते हुए भी लोग दिख जाते है | और इन सब के बाद आप को झील के किनारो पर कई ऐसे स्टाल मिलेंगी जहाँ आप चाय , गरम गरम पकोड़ियों , फ्रेश मकई (भुट्टा) का भरपूर आनंद उठा सकते है |
यहाँ यदि आप का मन बोटिंग करने का न हो तो निराश न हो आप यहाँ झील के किनारे साधारण वॉक भी कर सकते है | यह चीजे नैनीताल में भी की जाती है इसी लिए हमने कहा नैनीताल की तरह ही आप बस एक जगह बैठ कर या घूम कर यहाँ की सुंदरता निहार सकते है | भीड़भाड़ वाली जगहों में से है इस लिए एकांत प्रेमी यहां नहीं जाते है | झील के किनारे आप को लेक व्यू गार्डन भी मिल जायेगा जहाँ आप बैठ कर अपना वक्त बिता सकते है साथ ही अपने परिवार के साथ पिकनिक का भी मजा ले सकते है |
Gandharvapur Artist Village/ Honey Bee Center
यह दोनों स्थान आस पास ही स्थित है पहले बात करते है Honey Bee Center की जो नागेश्वर महादेव मंदिर के कुछ पास में ही स्थित है (जिसके बारे में हम आगे बात करेंगे ), यह सापुतारा का का शहद केंद्र है | यहाँ आप को स्थानीय विशेष शहद के अलावा बांस का आचार और नगली बिस्कीट |
अब बात करते है Gandharvapur Artist Village , जो Honey Bee Center के ठीक बगल में स्थित है | यहाँ एक खूबसूरत कलात्मक जगह है | कला प्रेमियों के लिए यह एक आदर्श जगह मानी जाती है | यहाँ आदिवासी कला काफी प्रसिद्द है , मन जाता है की यहाँ काफी समय से चली आ रही एक परंपरा है , जिसे आज तक संजो के रखा जा रहा है | गांव कलाकृतियों को प्रदर्शित करता है जिसमें वार्ली पेंटिंग, मिट्टी के बर्तनों का शिल्प, बांस शिल्प जैसी काफी चीजें शामिल हैं। अगर आप चाहे तो कुछ कला आकृतियां खरीद भी सकते है , जो आप के घर में अपनी खूबसूरती से एक अलग जगह बना लेगी | इन सब के आलावा आप यहाँ बांस से सम्बंधित कला और शिल्प तथा पारम्परिक Warli पेंटिंग भी देख सकते है जो यहाँ की Warli जनजाति (मूल निवासी जनजातियों) के द्वारा बानी जाती है | यहाँ सुचमच एक खूबसूरत कला है |
Nageshwar Mahadev Mandir
सापुतारा झील के किनारे स्थित यहाँ शर का सबसे पुराण मंदिर मन जाता है | यहाँ अपने वास्तुकला और कई वर्षो के इतिहार के लिए भी प्रसिद्द है | पुराणी कथाओ के अनुसार आज जो शिवलिंगम यहाँ आज स्थित है वह काफी समय पहले झील में डूब गया था जिसे बाद में निकल कर इस मंदिर में रखा गया था | वास्तुकला प्रेमियों को इस मंदिर की छत की ओर बानी नक्काशी एक आकर्षण का केंद्र जरूर होगी |
Rose Garden
सापुतारा में भी एक रोज गार्डन है जो यहाँ का एक लोकप्रिय पर्यटक आकर्षण है | यहाँ आप को विभिन्न आकर और रंग के गुलाब जायेंगे और इसके साथ ही कुछ अन्य खूबसूरत फूल भी , जिसको देखने गुजरात से कई प्रकृति प्रेमी यहाँ आते है | इस जगह की यात्रा आप को दिसम्बर से फरवरी के बीच करनी चाहिए क्यों की इस समय यह बगीचा मानो खिल उठता है | ऐसा लगता है माने प्रकृति खुद उस स्थान को सजा कर जाती हो | मॉनसून के दौरान यहाँ फूल प्रायः काम या न के बराबर ही दिखाई पड़ते है |
Gajabhishek Jain Tirth
सनराइज रोड पर स्थित यहाँ मंदिर एक जैन तीर्थ है | वक्त निकाल कर यहाँ आने वाले इस मंदिर को देखने जरूर जाते है | यहाँ मदिर अपनी वास्तुकला और अपने स्थान के कारण यहाँ की अच्छी जगहों में से एक माना जाता है | सापुतारा में गजभिषेक जैन तीर्थ मारू-गुर्जर स्थापत्य शैली की एक उत्कृष्ट कृति है | यहाँ रोसेट की छत और जटिल रूप से डिजाइन किए गए मेहराब (तोरण) अपनी तरफ आप का ध्यान जरूर खिचेंगी है | मंदिर में स्थित मूर्ति जो श्री पार्शवनाथ जी की है वह लगभग 500 वर्ष पुराणी मानी जाती है |
Echo Point Hill
इको पॉइंट सापुतारा पहाड़ियों पर स्थित लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है। जैसा कि नाम से पता चलता है, यह जगह लोगों को अपनी आवाज सुनने जाते है यानी, अपनी आवाज तो कही से टकराकर वापस से सुनना | यह आसपास की पहाड़ियों के कारण होता है है जो एक प्राकृतिक आधार पर बनाने के लिए ऑडियो तरंगों के साथ प्रतिध्वनित होती हैं। इसके अलावा, यह जगह अपने परिदृश्य परिवेश के लिए जानी जाती है जिसमें प्रचुर मात्रा में झरने और हरियाली प्रचुर मात्रा में है। कुल मिलाकर, ईको पॉइंट सापुतारा में एक दर्शनीय स्थल के रूप में कार्य करता है | यहाँ आप को मॉनसून के वक्त जाना चाहिए |
Saputara Museum
यहाँ का Museum जनजातीय संग्रहालय के रूप में भी जाना जाता है, इसमें लकड़ी की नक्काशी, गहने, शरीर के टैटू, कलाकृतियों, अनुष्ठान वस्तुओं और संगीत वाद्ययंत्रों का वर्गीकरण है जो स्थानीय जनजातियों की समृद्ध संस्कृति और जीवन शैली को प्रदर्शित करता हैं। गुजरात सरकार की एक बड़ी पहल चलते यात्रियों को डांग के मूल निवासियों की शानदार विरासत से परिचित कराने के लिए इस पर विशेष ध्यान दिया गया है । इसके अलावा, संग्रहालय यहाँ आने वाले पर्यटकों को डांग के अन्य पहलुओं, जैसे इसकी पारिस्थितिकी और भूगोल के बारे में भी शिक्षित करता है।
Hatgadh Fort
हटगढ़ किला महाराष्ट्र और गुजरात की सीमा में है , यहाँ सापुतारा से लगभग 6 किमी की दुरी पर स्थित है | यहाँ किला 3600 फ़ीट की ऊंचाई पर बना है जिसके कारन यहाँ जाने वाले पर्यटक ट्रेकिंग कर के यहाँ तक पहुँचते है | ट्रैकिंग के लिए रस्ते काफी आसान है , इस लिए आप आसानी से किले तक पहुंच जायेंगे | यहाँ नासिक जिले के मुल्हेरी में स्थित है जो सह्याद्री रेंज में है | शीर्ष पर पहुंचने के बाद आप यहाँ से गंगा / जमुना जलाशयों , घाटी का दृश्य , सुरगणा गांव के मनमोहक नज़ारे ले सकते है |
Famous Street Food - Saputara
अब बात करते है थोड़ा खाने पीने की , ऐसा हो सकता है की हिल स्टेशन जाय और कुछ खाया न जाय | वैसे तो सापुतारा में आप को लेक व्यू जैसे 3 स्टार होटल मिल जाते है , लेकिन स्ट्रीट फ़ूड का मज़ा तो फ़ूड गली में ही आता है | यदि आप खाने का शौक रखते है और पाव भाजी , मैगी , डोसा , वेज पुलाव , अंडा कीमा आदि चीजों का स्वाद सापुतारा में लेना चाहते है तो सापुतारा फ़ूड स्ट्रीट जरूर जायें | जो सापुतारा फाऊंटेन सर्किल के पास नासिक रोड को मुख्या रोड पर स्थित है | ऐसी रोड पर स्थित है यहाँ का संग्रहालय , जिसके बारे में हम आप को पहले बता चुके है |
Best places to visit near Hill Station Saputara
Saptashrungi Devi Mandir
सापुतारा से लगभग 60 किमी की दुरी पर स्थित यहाँ मंदिर नासिक के पास वाणी में स्थित है | यहाँ मंदिर भारत के 51 शक्ति पीठो में से भी एक है | यहाँ मंदिर सात चोटियों से घिरा हुआ है जिसके कारन मंदिर का नाम सप्तश्रृंगी रखा गया था , जिसका अर्थ होता है सात चोटियों की माता | मन जाता है यहाँ देवी पर्वत के मुख पर एक चट्टान पर प्रकट हुई थी , मंदिर में माता की मूर्ति 10 फ़ीट ऊँची है जिनके 18 हाथ दिखाए गए है | हर हाथ में माता ने विभिन्न हथियार पकड़ रखे है | मन की मूर्ति को सिंदूर से लेपित किया जाता है , जिसको यहाँ शुभ मन जाता है|
Pandava Caves
पाण्डव गुफा को सतपुरा की प्रसिद्द गुफा स्थल भी मन जाता है | यहाँ सापुतारा से लगभग 31 किमी की दुरी पर स्थित है | यहाँ इनको Arvalem Caves के नाम से भी जाना जाता है | प्राचीन गुफा होने के कारण यह देश के विभिन्न हिस्सों से ग्लोबट्रोटर्स और इतिहास प्रेमियों दोनों को आकर्षित करता है | स्थानीय लोगो से सुनने को मिलता है की इस गुफा में महाकाव्य महाभारत के पांडवों ने अपने अज्ञातवास का कुछ समय व्यतीत किया था , और यहाँ शिवलिंग की स्थापना की थी | जिसके द्वारा पांडव भगवन शिव की आराधना करते थे | यहाँ गुफा लगभग 60 मीटर लम्बी तथा 15 मीटर चौड़ी है | ऐतिहासिक होने के कारण इसका काफी महत्व बढ़ जाता है |
Purna Wildlife Sanctuary
यहाँ एक प्रसिद्ध वन्यजीव अभ्यारण है जो गुजरात के पश्चिमी घाटों में स्थित है | यह अभ्यारण जुलाई 1990 में स्थापित किया गया था और हाथी, भालू, गैंडे और जंगली सांड जैसे कई जंगली जानवरों के लिए एक आवास प्रदान करता है | यहाँ बांस , सागौन जैसे कई छोटे - बड़े पेड़ पौधों की आप को 700 प्रजातियां मिल जाएँगी | प्राकृतिक प्रेमी अगर यहाँ की यात्रा करने जाते है तो उनको सर्दियाँ सुरू होते ही जाना चाहिए, क्यों की इस समय पूर्ण नदी और उसमे मिलने वाले धारायें मीठे पानी से भरी रहती है | अभ्यारण घूमने का कुछ शुल्क भी लिया जाता है जो 20 रूपए है |
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Shabri Dham
स्थानीय लोगो से पता चलता है की यह सापुतारा रामायण काल का भी एक हिस्सा रहा है | यहाँ से लगभग 64 किमी दूर स्थित एक पड़ाव शबरी धाम के नाम से जाना जाता है | जहाँ श्री राम ने शबरी के हाथो से बेर खाय थे , वह भी एक आदिवासी महिला थी | अपने वनवास के समय भगवन राम ने सह्याद्री के जंगलों में घूमते हुए काफी समय बिताया था। इस स्थान के पास ही पांडव गुफा , और पम्पा सरोवर भी है |
Waghai Botanical Garden
सापुतारा के पास घूमने की पसंदीदा जगहों में से एक है वाघई बॉटनिकल गार्डन, जीरा जलप्रपात से मात्र 10 मिनट की दुरी पर । 24 हेक्टेयर भूमि में फैला, यह बॉटनिकल गार्डन गुजरात के सबसे बड़े उद्यानों में से एक है, जिसमें असंख्य पौधों की प्रजातियाँ पाई जाती हैं। लगभग 200 से अधिक पेड़, 50 प्रकार की झाड़ियाँ, 30 से अधिक फलों के पेड़, 119 औषधीय पौधे, 28 कंद के पौधे और 89 कैक्टि और रसीले पौधे आप को यहाँ देखने को मिल जाएंगे | आपको यहां एक डांग प्लॉट भी मिलेगा जो क्षेत्र के मूल पौधों और उनके सांस्कृतिक संबंधों को प्रदर्शित करता है |बगीचे में कैक्टि गार्डन के पास एक मनोरंजन भी है, यह जगह प्रकृति प्रेमियों के लिए एक आकर्षक केंद्र हैं।
उद्यान स्कूल और कॉलेज के छात्रों के लिए शैक्षिक पर्यटन भी आयोजित करता है। वाघई वनस्पति उद्यान मंगलवार को छोड़कर सभी दिनों में सुबह 8:00 बजे से शाम 6:30 बजे तक यहाँ आने वालो के लिए खुला रहता है। छात्रों के लिए 5 रुपये प्रति व्यक्ति, 6 से 15 साल के बच्चों के लिए 10 रुपये प्रति व्यक्ति और 15 साल से अधिक उम्र के बच्चों के लिए 20 रुपये प्रति व्यक्ति प्रवेश शुल्क है। यहां आप आसानी से पूरा दिन अपने परिवार के साथ बिता सकते हैं
Girmal waterfall
यह भी सापुतारा में देखने लायक जलप्रपातों में एक है | यह सापुतारा से 2 घंटो की दुरी पर स्थित है ,जो गुजरात का सबसे ऊँचा जल प्रपात है | पूर्ण वन्यजीव अभ्यारण के जंगलो से होकर चट्टानों से रस्ते बनाकर गिरा नदी जैसे ही गिरमल में 100 फ़ीट निचे खड्डे मेगिरति है तो Girmal waterfall का निर्माण करती है | यहाँ ऊंचाई से गिरने के कारण आप को धुंध और गाज मपानी में देखने को मिल जाता है | सुरक्षा के लिए यहाँ बैरिकेडिंग की गई है , मगर आप किनारो पर लगी बेंच पर बैठ कर इस सुन्दर दृष्य का आनंद ले सकते है और सोशल मिडिया के लिए अपनी फोटो ले सकते है | आप इसके आस पास भी पैदल घूम कर इस स्थान को और एक्सप्लोर कर सकते है |
Some Helpful Tips
Hill Station Saputara के पास वैसे तो घूमने की काफी सारी जगहे है जहाँ आप घूमना पसंद करेंगे | लेकिन आप को फिर छुट्टियाँ ज्यादा लेनी पड़ सकती है | मगर आप चाहे तो सापुतारा के मुख्य आकर्षण की लिस्ट बना के यात्रा सुरु कर सकते है जिसमे आप सबसे पहले सापुतारा Sunrise Point फिर Gajabhishek Jain Temple उसके आगे Saputara Lake इसके बाद Nageshwar Mahadev Temple और Lake Garden, and Gandharvapur Artist Village घूम सकते है | शाम को आप पुष्पक रोपवे से टेबल पॉइंट/ सनसेट पॉइंट जा कर अपनी पहले दिन की यात्रा को समाप्त कर सकते है , दूसरे दिन की शुरुआत Gira Waterfalls से करे तथा यात्रा का अंत Waghai Botanical Gardens में हो जायेगा | अगले दिन आप Girmal Waterfalls से यात्रा सुरु करे और आत्म point की तरफ जो Shabri Dham है जरूर जायें | अगर आप चाहे तो ऐसा कर सकते है, ऐसा करने से आप जल्दी ही यात्रा पूर्ण कर सकते है | वार्ना आप अपने अनुसार भी यात्रा का आनंद उठा सकते है | वैसे अपने प्लान आप हमें कमेंट कर के जरूर बताए जिससे हमें भी काम समय में यात्रा पूर्ण करने का अनुभव मिल सके |
Getting to S Hill Station Saputara - सापुतारा हिल स्टेशन कैसे पहुंचे?
फ्लाइट से सापुतारा
सापुतारा का पास का हवाई अड्डा सूरत हवाई अड्डा है जो सापुतारा से लगभग 155 किमी की दुरी पर है | यहाँ एक domestic airport है | सूरत से कई लोग एक दिन की ट्रिप पर भी सापुतारा आते है | यह हवाई अड्डा भारत के कुछ प्रमुख शहरों और कुछ विदेशी देशों के साथ भी अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। हवाई अड्डे से, आप बस ले सकते हैं या डेस्टिनेशन तक पहुंचने के लिए टैक्सी का विकल्प चुन सकते हैं।और आप दूसरा विकल्प के तौर पर मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भी चुन सकते है जो सापुतारा से 225 किमी की दुरी पर स्थित है |
ट्रेन से सापुतारा
सापुतारा हिल स्टेशन तक पहुंचने के लिए वाघई रेलवे स्टेशन पास का रेलवे स्टेशन है। यह रेलवे स्टेशन पहाड़ी शहर से लगभग 50 किमी की दूरी पर स्थित है। यहाँ स्टेशन देश के विभिन्न कोनों से आने वाली कई ट्रेनों का भी केंद्र है | आप चाहे तो बिलिमोरा जंक्शन का भी विकल्प चुन सकते है जो मुंबई, दिल्ली, झांसी, अहमदाबाद और ग्वालियर सहित भारत की कई अन्य शहरों से आने वाली ट्रेनों का स्टेशन हैसड़क द्वारा
सड़क मार्ग की अगर बात की जाय तो सापुतारा देश के प्रमुख शहरों और कई अन्य शहरों से काफी हद तक जुड़ा हुआ है। आप अपने बजट के अनुसार प्राइवेट या पब्लिक बस सेवा का विकल्प चुन सकता है। आप राज्य के कई अन्य क्षेत्रों से बसें ले सकते हैं।Best time to visit Hill Station Saputara
सापुतारा घूमने के लिए सबसे अच्छे समय की बात की जाय तो सितम्बर से नवंबर का महीना सबसे अच्छा है क्यों की मॉनसून के बाद यहाँ वैली हरीभरी रहती है और तापमान भी अनुकूलित रहता है | झरनो में पानी भरा रहता है छोटे छोटे नदी तंत्र भी जीवित हो जाते है | इस समय की तुलना आप किसी और समय से नहीं कर सकते है |यदि आप धुंध भरे नज़ारों और बादलों वाले पहाड़ों को देखना चाहते हैं, तो आप मानसून के अंत अगस्त-सितंबर में यात्रा की योजना बना सकते हैं। लेकिन याद रखें कि फिसलन भरी ढलानों और नम मौसम दर्शनीय स्थलों की यात्रा करना मुश्किल होता है। गर्मी का मौसम यहाँ की यात्रा करने लायक नहीं होता अतः इस समय यहाँ की यात्रा रोक दे |
Saputara hill station travel tips
Saputara Hill Station में ज्यादातर इलाकों में कई नेटवर्क ठीक काम नहीं कर पाते | और आप जब इस प्रकार के हिल स्टेशन जा रहे हो तो जंगलो के बीच और झरनो के पास नेटवर्क सेवा के अच्छे होने की उम्मीद न करे | कही कही पर आप को Airtel के नेटवर्क मिल जाते है लेकिन वह भी ज्यादा प्रभावी नहीं होते | मॉनसून के चलते तथा सर्दियाँ आने की आहट के कारण यहाँ थोड़ा ठण्ड महसूस होती है , जिसके लिए आप तैयारी कर के जाए | मॉनसून में अचानक होने वाली बारिश और सब जगह गीलेपन से बचने के लिए रेनकोट या छाता अपने साथ जरूर ले कर जाए | अपने लिए अच्छे ट्रेकिंग जूते साथ जरूर रखे क्यों की आप नहीं चाहेंगी की ऐसे परिस्थिति में आप को चोट का सामना करना पड़े | क्राफ्ट सामान, बढ़िया खाना आप को क्रमशः जीरा झरना और वघई में प्राप्त हो जायेगा |
conclusion
सापुतारा हिल स्टेशन भारत एक प्रमुख हिल स्टेशन्स में से एक है , आप को यहाँ एक बार जरूर घूमने जाना चाहिए | अगर आप मेरी तरह दूसरे राज्य से है तो आप को निश्चित ही दूसरी संस्कृति , वहाँ के खानपान, वहां के इतिहास और भौगोलिक परिवर्तन को जान कर अच्छा लगेगा और कुछ नया इस जिंदगी में सीखने को मिलेगा | आप जब भी यहाँ जाय तो ऊपर बताई बातो का ध्यान रखे | अपने इस अनुभव को आप हम से भी शेयर कर सकते है , यह हमें अच्छा लगेगा |
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FAQ
Q1- सापुतारा इतना प्रसिद्द क्यों है ?Ans- सापुतारा एक हिल स्टेशन है जो अपने खूबसूरत पहाड़ो , देखने लायक स्थानों और सुन्दर झरनो के लिए इतना प्रसिद्द है | यह ढांग जनजाति और उनकी संस्कृति की भी छाप अपने ऊपर लिए हुए है |
Q2- क्या सापुतारा घूमने लायक स्थानों में है ?
Ans- जी हाँ , यहाँ आप धुंध से सजे पहाड़ों, हरे-भरे घास में लंबी पैदल यात्रा , खूबसूरत झीलों और झरनों और डांग संस्कृति को निहारने जा सकते है यह मानसून के दौरान और बाद में एक जादुई वंडरलैंड में परिवर्तित हो जाता है|
Q3- सापुतारा जाने का सबसे अच्छा समय कौन सा है?
Ans- सापुतारा घूमने के लिए सबसे अच्छे समय की बात की जाय तो सितम्बर से नवंबर का महीना सबसे अच्छा है क्यों की मॉनसून के बाद यहाँ वैली हरीभरी रहती है और तापमान भी अनुकूलित रहता है | झरनो में पानी भरा रहता है छोटे छोटे नदी तंत्र भी जीवित हो जाते है |
Q4- सापुतारा में क्या क्या ख़रीदा जा सकता है ?
Ans- सापुतारा में, आप स्थानीय शहद, बांस का अचार, बांस कला और शिल्प, रागी या नाचनी पापड़ , नागाली बिस्कुट, और डांग जिले की जनजातियों द्वारा उगाय गए जैविक लाल चावल खरीद सकते हैं।
Q5- क्या सापुतारा हिल स्टेशन्स में मदिरा पान की जा सकती है ?
Ans- नहीं ,यहाँ हिल स्टेशन गुजरात में पड़ता है जो की एक शराब मुक्त राज्य है तो यहाँ शराब पीना और बेचना दोनों कानूनन अपराध मने जाते है |
Q6- सापुतारा की कुल ऊंचाई कितनी है ?
Ans- सापुतारा समुद्र सतह से लगभग 3000 फ़ीट या 915 मीटर ऊपर है |
