Himachal Pradesh - हिमाचल प्रदेश
"बर्फीले पहाड़ो का शहर , देवी देवताओं की भुमि - हिमाचल प्रदेश "हिमाचल प्रदेश , उत्तरी भारत के खूबसूरत राज्यों में से एक है जो ऊँचे पहाड़ो, बर्फीले पहाड़ो, सेब के बगीचों , और वहां के famous शहरों/अपनी राजधानी (Capital of Himachal Pradesh) के लिए पुरे भारत सहित विश्वा भर में प्रसिद्ध है | यहाँ उत्तराखंड, पंजाब, उत्तरप्रदेश और जम्मू/कश्मीर राज्यों से अपनी सीमाएं साझा करता है | इसको Apple city के नाम से भी जाना जाता है | यहाँ की मनमोहक सुन्दर पहाड़ , देवदार के जंगल , रंगीन प्रकृति नज़ारे यहाँ आने वालो का मन मोहा लेते है | यहाँ के खूबसूरत शहर और मेले /त्यौहार बेहद खास होते है जिनमे विभिन्न प्रकार की विविधता देखने को मिलती है | हिमाचल प्रदेश को देवी देवताओ की भूमि के नाम से भी जाना जाता है |
हिमाचल प्रदेश की स्थापना कब हुई
हिमाचल प्रदेश का अर्थ है बर्फीले पहड़ो का राज्य ,और यहाँ नाम इसको यहाँ के अनुसार सही दिया गया है क्यों की यहां कुछ प्रमुख दर्रे (Pass ) ऐसे भी है जो 12 महीनो बर्फ से दहके रहते है | पहले यहाँ राज्य पंजाब के महाराज रणजीत सिंह के शासन के अधीन था और बाद में 25 जनवरी 1971 को इसका गठन भारत के 18 वे राज्य के रूप में किया गया | यहाँ की 5 सबसे प्रमुख नदियां है जिनमे चिनाब , रवि, व्यास, सतलुज और कालिंदी नदियां है | जिनमे सदाबहार बहने वाले गदेरों से पानी आता रहता है | यहाँ आप को गरम पानी के कुंड और ठन्डे पानी के कुंड भी देखने को मिल जाते है , जिसके कारण यहाँ साल बाहर शैलानियों का आना जाना लगा रहता है |

Capital of Himachal Pradesh - हिमाचल प्रदेश की राजधानी
हिमाचल प्रदेश की दो राजधनियाँ है पहले ग्रीष्मकालीन राजधानी शिमला है तथा दूसरी शीतकालीन राजधानी धरमशाला है ,
शिमला
जो भारत के एक बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन (Hill Station ) की सूचि में भी शामिल है | आप को बता दे की यह अंग्रेजो की भी ग्रीष्मकालीन राजधानी हुआ करती थी , जो की उस समय भी एक प्रमुख पर्यटन केंद्र रहा | इसका यहाँ नाम देवी श्यामला के नाम पर रखा गया था | आजादी के बाद इसको भी हिमाचल प्रदेश की ग्रीष्मकालीन राजधानी(Summer Capital of Himachal Pradesh) रखा गया | यहाँ घने जंगल , बर्फीले पहाड़ , हिमालय की चोटियां , मनोरम दृश्य , और मुख्यातः माल रोड देखने हर साल लोग देश विदेश से घूमने आते है | यहाँ पहाड़ी की छोटी पर बसा है , और खूबसूरत नजरो के लिए विश्वा प्रसिद्द है | जो भी यहाँ घूमने आता है उन को यहाँ की खूबसूरती आकर्षित कर लेती है | यहां कुछ ऐतिहासिक सरकारी भवन भी हैं, जैसे वार्नेस कोर्ट, गार्टन कैसल व वाइसरीगल लॉज ये भी बड़े ही दर्शनीय स्थल हैं। चैडविक झरना भी एक प्रसिद्ध पर्यटक स्थल है। इसके साथ ही ग्लेन नामक स्थल भी है। इसके समीप बहता हुआ झरना और सदाबहार जंगल बहुत ही आकर्षक हैं।

धरमशाला
यह हिमाचल की शीतकालीन राजधानी (Winter Capital of Himachal Pradesh) है |धर्मशाला को भी अपनी सुंदरता के लिए जाना जाता है , हिमाचल की दोनों ही राजधानियां पुरे भारत में अपना एक अलग स्थान बने हुए है | यह अपने चाय के बागानों ,इमारती लकड़ी पैदा करने वाले ऊँचे पेड़ो , शांति एवं पवित्रता के लिए प्रसिद्द है | यहाँ बौद्ध गुरु दलाईलामा का अस्थाई मुख्यालय भी है जिसके कारण इसको पुरे दुनियां में भारत के छोटे ल्हासा के रूप में भी जाना जाता है | और यहाँ दुनियां का सबसे ऊंचाई पर बना cricket stadium भी मौजूद है | जो अंतर्राष्ट्रीय रूप में जाना जाता है |

पर्यटन
पर्यटन को हिमाचल प्रदेश में काफी प्राथमिकता दी जाती है जिसके कारन यहाँ लोग साल दर साल बढ़ रहे है | सरकार द्वारा यातायात , हवाई सेवाय , पर्यटक स्थलों की रख रखवाट , आदि चीजों पर विशेष ध्यान दिया गया है| यहां के चम्बा घाटी , डलहौजी , कुफरी, मनाली जैसे स्थान पर आप की साई सुविधाएँ प्रदान की जाती है जिससे यहाँ आने वालो को किसी परेशनी का सामना न करना पड़े | इन जगहो के बारे में भी हम आगे चर्चा करेंगे जिससे आप की जगहो सम्बन्धी सभी जानकारी मिल सके
हिमाचल प्रदेश की जनजातियाँ और स्थानीय लोग
हिमाचल प्रदेश के लोगो को हिमाचली कहा जाता है | यहाँ के लोग मेहमान नवाजी में भरोसा रखते है जब भी कोई मेहमान आता है तो उसका खूब आदर सत्कार किया जाता है | यह सब से मैत्रीपूर्ण तरीके से तथा गर्मजोशी से मिलना पसंद करते है | यहाँ की महिलाय पहाड़ी महिलाओ की तरह मेहनती होती है जो घर के काम के साथ साथ खेतो में भी काम करती है | यहाँ के लोग प्रकृति प्रेमी होते है और प्रकृति का सम्मान करते है | यहाँ मुख्यतः गद्दी, गुर्जरों, किन्नरों, लाहौलियों और पंगवल्स जैसी अर्ध-घुमंतू जनजाति पाई जाती है |
हिमाचल प्रदेश की कला और शिल्प
हिमाचल प्रदेश अपनी खूबसूरत प्राकृतिक नजरो के साथ साथ अपनी कला और शिल्प के लिए भी जाना जाता है जिससे पता चलता है की यहाँ की संस्कृति कितनी समृद्ध है | यहाँ के कला और शिल्प का प्रभाव यहाँ के चित्रों, उत्पादों , लकड़ी और धातु की बनवटो और हस्तकरघा में अच्छे से देखा जा सकता है | यहाँ की कला को पहाड़ी पेंटिंग के रूप में देखा जाता है जिसको राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों से काफी प्रसंशा मिलती है | हिमाचल प्रदेश में चित्रकला का इतिहास काफी समृद्ध रहा है। प्रदेश की चित्रकला का राष्ट्र के इतिहास में उल्लेखनीय योगदान है,मैटकाफ प्रथम व्यक्ति थे, जिन्होंने कांगड़ा के पुरात्न महलों में चित्रों की खोज की गुलेर, सुजानपुर टीहरा तथा कांगड़ा ऐसे ही स्थान थे, जहां पर यह धरोहर छिपी हुई थी। यहाँ की रंगीन हिमाचली टोपी और पश्मीना शॉल बहुत प्रसिद्द है , जो हिमाचल सहित पुरे भारत में काफी महंगी बिकती है | तो जब भी आप यहाँ जायँ तो एक बार जरूर इनको आजमा सकते है |

हिमाचल प्रदेश की संस्कृति और रीतिरिवाज
हिमाचल रीतिरिवाजों से धनि प्रदेश मन जाता है , क्यों की यहाँ बाकी रीती रिवाजो से अछूता ही रहा है | यहाँ राज्य काफी तेजी से बदल रहा है, लेकिन उसके साथ ही यहाँ अपनी परम्पराओ को नहीं भुला है | यहाँ बाकी राज्यों की तरह बहुधर्मी राज्य है लेकिन यहाँ बौद्ध, हिन्दू और सिक्ख प्रमुख धर्म है | पश्चिम में धर्मशाला , दलाईलामा की शरण स्थली भी है | बहु सांस्कृतिक होने के कारण यहाँ रीतिरिवाजो और परम्पराओ में भिन्नता देखने को मिलती है | यहाँ के लोग अपने स्थानीय संगीत और नृत्य से अपनी संस्कृति को दर्शाते है | और इनके ही माध्यम से वो अपने त्योहारों और अन्य अवसरों पर अपने देवी देवताओ को प्रसन्न भी करते है | यहाँ कई ऐसे मेले और त्यौहार है जिनमे आप को यहाँ की रीतिरिवाज और सांस्कृतिक पहचान की झलक मिल जाती है | त्योहारों में जब सब लोग मिल कर अपना पारम्परिक नृत्य करते है तो वो नजारा देकने लायक होता है |

हिमाचल प्रदेश की पारंपरिक वेशभूषा
पुरुषो की पारंपरिक वेशभूषा
यहाँ के पुरुष मुख्यतः पहनावे में चूड़ी दार पैजामा ,कुरता और सदरी (ओवरकोट) पहनते है | ओवरकोट गारमून का बना होता है जिससे ठण्ड से बचा जा सके | सर पर हिमाचली टोपी होती है और पुरुष मुछे रखना पसंद करते है जो उनकी शान का प्रतिक मानी जाती है | कुछ पुजारी गण यहाँ सफ़ेद कुरता पहनें हुए भी दिख जाते है उनके कंधे पर छोटा नरम तौलिया भी देखने को मिल जाता है |

हिमाचली महिलायों की वेशभूषा
महिलाय गले से लेकर पैर तक एक प्रकार का कुरता पहनती है | महिलाओ द्वारा घूंघट परंपरा का अनुसरण किया जाता है, जो हिमाचल में काफी प्रसिद्द है | महिलाय घाघरी , सलवार- कमीज़ और चोली पहनती है -यहाँ एक प्रकार की शर्त होती है जो ऊपरी भाग में पहनी जाती है | साथ ही सर पर साफा भी पहना जाता है | महिलाय शादी या समारोह में जाने के लिए पारम्परिक वेश भूषा पहना ज्यादा पसंद करती है |
हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध त्यौहार और मेले
हिमाचल प्रदेश अपने पुराने समय से चले आ रहे त्योहारों को काफी धूमधाम से मनाता है | ऐसी लिए यह कई रंगीन मेलों और त्योहारों का एक स्थान भी कहा जाता है,| त्योहारों को मानना यहाँ की समृद्ध संस्कृति, सामाजिक विविधता और परंपरा को भी दर्शाता है | भारत के दूसरे राज्यों की तरह यहाँ भी होली, दिवाली , शिवरात्रि, बैशाखी , दशहरा और क्रिश्मस आदि जैसे त्यौहार माने जाते है | इसके साथ ही यहाँ कई ऐसे त्यौहार भी माने जाते है जो जो इस पहाड़ी राज्य की पहचान से जुड़े है |

लाहौल का बौद्ध त्योहार हिमाचल प्रदेश का प्रमुख और लोकप्रिय त्यौहार है जिसे बुराईयों पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में नृत्य और विस्तृत वेशभूषा के साथ मनाया जाता है। शिमला और कांगड़ा घाटी जैसे कई शहरों में ग्रीष्मकालीन त्योहार और मेले आयोजित किए जाते हैं। इनके अलावा हिमाचल प्रदेश में नैना देवी मेला, लवी मेला, ग्रेवाल, रेणुका मेला, चिंतपूर्णी मेला और नलवारी मेला जैसे लगभग 20 राज्य स्तरीय मेले लगते हैं जो सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त हैं। इन सभी त्योहारों के बारे में विस्तृत जानकारी आप हमरे अगले पोस्ट्स में पढ़ सकते है |
हिमाचल प्रदेश का फेमस फ़ूड
भला खाना किसको पसंद नहीं होता , और वो भी अलग अलग जगहों का खाना | भारत देश की ये ही तो विविधता है की यहाँ कुछ दुरी पर आप को कुछ न कुछ अलग खाने को मिलता है , और ऐसी लिए ये देश इतना खूबसूरत है | और ऐसी खूबसूरती को देखने और आनंद लेने लोग घूमने जाते है |
खाने की बात की जाय तो हिमाचल प्रदेश का खाना उत्तरभारतीय राज्यों के खानो से काफी मिलता जुलता है | बस फर्क सिर्फ इतना है की यहाँ खाने में मांसहारी खाना यहाँ लोग खाना ज्यादा पसंद करते है | यहाँ का खाना पंजाब और तिब्बत के खाने से मिलता जुलता भी है जो यहाँ आने वाले पर्यटकों को काफी पसंद भी आता है | यहाँ का प्रमुख स्थानीय भोजन दाल, चावल, शोरबा, रोटी और सब्जियां हैं। हिमाचल प्रदेश में लगभग सभी व्यंजनों को एक ग्रेवी, स्थानीय सुगंधित मसालों और जड़ी-बूटियों के साथ तैयार किया जाता है। यहाँ स्ट्रीट फ़ूड के नाम पर मोमो और नूडल्स भी परोसे जाते हैं जो काफी प्रसिद्द है | यह तजा और रास दार फलो की किस्मो के लिएभी जाना जाता है | यहाँ राज्य फ़ूड फेस्टिवल की भी मेजबानी करता है , जिसमे स्थानीय स्वादिस्ट व्यंजनों को परोसा जाता है |
हिमाचल प्रदेश के प्रमुख पर्यटक स्थल-Tourist Places Of Himachal Pradesh
Tourist places of Himachal Pradesh में हम आप को यहाँ के कुछ खाश जगहों की लिस्ट दे रहे है जहाँ आप अपनी अगली यात्रा का paln कर सकते है | ये प्रमुख स्थान आप अपनी अगली यात्रा list में शामिल कर सकते है | और यकीन से कहा जा सकता है की कुछ जगहें आप की dream list शामिल होंगी | जब भी समय मिले अपने दोस्तों या परिजनों के साथ यहाँ जा सकते है और जो चीजे अभी तक आप हिमाचल के बारे में जान पाय है उनका आनंद भी ले सकते है | और अच्छी बात तो यहाँ है की कुछ जगहों पर आप गर्मियों में भी बर्फ का आनंद ले सकते है | आइये जानते है |
- मनाली
- धर्मशाला
- रोहतांग दर्रा
- हिडिम्बा देवी मंदिर
- शिमला
- स्पीति घाटी
- मंडी
- बिलिंग
- कुल्लू
- पालमपुर
- ज्वाला देवी मंदिर
- मणिकरण
- कसौली
- डलहौजी
- कुफरी
- मशोबरा
- चितकुल
- शोजा
हिमाचल घूमने का सबसे अच्छा समय
अगर आप हिमाचल जाने का विचार मन में ला चुके है तो हम आप को बताते है की यहाँ आप को कब जान चाहिए | वैसे तो हिमाचल साल भर में कभी भी जाया जा सकता है लेकिन हिमाचल जाने का सबसे अच्छा अनुकूल समय है गर्मियों में जो मार्च से सुरु होकर जून में ख़त्म होता है | अगर आप देश में किस ऐसे राज्य से है जहाँ गर्मी ज्यादा पड़ती है तो तो हिमाचल जाना आप के लिए काफी सुखद होने वाला है|
जून के बाद बर्षा के मौसम में पहाड़ी इलाकों में घूमना आप रोक भी सकते है क्यों की इन महीनो कभी कभी ज्यादा बारिश से सड़के टूट जाती है और संचार रुक जाता है , लेकिन बाकी समय आप यहाँ खूबसूरत नजरो का आनंद ले सकते है |
आप यहाँ ट्रेकिंग, कैंपिंग, हॉट एयर बैलूनिंग, पैराग्लाइडिंग और वाटर स्पोर्ट्स का लुफ्त भी ले सकते है | गर्मियों के मौसम में आप यहाँ के शिमला, कुल्लू मनाली, डलहौजी , धर्मशाला, खज्जियार आदि भी घूमने जा सकते है |
हिमाचल प्रदेश कैसे पहुंचे

हिमाचल जाने के लिए सड़क या हवाई यात्रा की जासकती है | हिमाचल सड़क, रेलवे और हवाई मार्ग से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है,
सड़क मार्ग - By Road
यहाँ जाने के लिए सड़क मार्ग एक प्रमुख विकल्प है |हिमाचल की सड़के इसे देश के सभी प्रमुख शहरों से जोड़ती हैं | मगर कभी कभी बारी बारिश के चलते सड़के टूट जाने के कारण यतायात में परेशानी आती है , मगर हिमालयी राज्य होने के बावजूद सड़को की मरम्मत का कार्य भी तेजी से बढ़ रहा है | वैकल्पिक सड़को की जगह अब मुख्या मार्ग बने जा रहे है जिससे यात्रुओ को सुविधा प्रदान की जा सके | आप दिल्ली से हिमाचल की बस में या अपनी personal वहां से भी यहाँ जा सकते है | इसके अलावा उत्तराखंड, पंजाब, जम्मू/कश्मीर और उत्तरप्रदेश से भी यहाँ के लिए बस ले सकते है |
हवाई मार्ग - Himachal Pradesh Airports
हवाई मार्ग बढ़ते tourist को देखते हुए हिमाचल प्रदेश एयरपोर्ट (himachal pradesh airports) का निर्माण किया गया है | यहाँ मुख्यतः ३ एयरपोर्ट है जिनमे Bhuntar Airport - Kullu Manali, Gaggal Airport - Kangra, Jubbarhatti Airport - Shimla शामिल है | एयरपोर्ट तक जाने के लिए लोकल ट्रैक्सी या ऑटो का सहारा लिया जा सकता है| यह Himachal pradesh airports खूबसूरत होने के साथ साथ आप का समय भी बचते है जिससे आप यहाँ जल्दी पहुंचे और निकल पड़े अपनी खूबसूरत हिमाचल की यात्रा पर |
रेल मार्ग - By Train
पहाड़ी राज्य होने के कारण हिमाचल में कोई बड़ा रेलवे ट्रैक नहीं बन पाया है , लेकिन शिमला से ९० किलो मीटर दूर कालका जी रेलवे स्टेशन है | जहाँ लोग ट्रैन द्वारा आते है और वहां से सड़क मार्ग के द्वारा हिमाचल के बाकी जगहों के लिए निकलते है | बीच रास्तो में आप इस पहाड़ी सफर का मज़ा ले सकते है , यहाँ सड़क मार्ग आप को बोर नहीं हेने देगा | शिमला पहुंच कर आप यहाँ toy train का भी आनंद ले सकते है | toy train को UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज में भी शामिल किया गया है |

Himachal Pradesh Map

Interesting facts in Hindi
- यह राज्य भारत के सबसे हरे भरे राज्यों में से एक है जिसमे 37,033 वर्ग किलोमीटर का वन क्षेत्र है, जो कुल भारतीय भूमि का 66.52% है।
- आपको जानकारी थोड़ी हैरानी हो सकती है हिमाचल प्रदेश की दो राजधानी है। हिमाचल प्रदेश की ग्रीष्मकालीन राजधानी शिमला है जबकि शीतकालीन राजधानी धर्मशाला है।
- बता दे हिमाचल शब्द “हेमा” और “अंचल”, संस्कृत शब्दों का एक संयोजन है, जिसका अर्थ क्रमशः “बर्फ” और “गोद” है।
- तंबाकू पर प्रतिबंध लगाने के बाद, जुलाई 2013 तक, हिमाचल प्रदेश भारत का पहला धूम्रपान मुक्त राज्य बन गया है।
- हिमाचल प्रदेश सात पहाड़ियों के बीच बसा है, इसीलिए इसे भी लोकप्रिय रूप से पहाड़ियों की रानी कहा जाता है।
- हिमाचल प्रदेश को देश का फ्रूट बाउल कहा जाता है जो जम्मू-कश्मीर के बाद देश में सेब का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है।
- बता दे हिमाचल प्रदेश विभिन्न मंदिरों और धार्मिक स्थलों का घर है जिसकी वजह से इसे भी “देव भूमि या देवी देवतायों की भूमि” के नाम से भी जाना जाता है।
- हिमाचल प्रदेश की सबसे ऊंची पर्वत चोटी रेओ पुर्जिल है जो समुद्र तल से 6,816 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।
- हिमाचल प्रदेश का पशु चिन्ह हिम तेंदुआ है।
FAQ
Ans- हिमाचल दो शब्दों से मिलकर बना है पहला है हिम और दूसरा है आंचल , यानी बर्फीला प्रान्त | तो इसको बर्फीले पहाड़ो का प्रान्त भी कहा जाता था | और पुराणी काव्यों में कही कहीं देव भुमि भी कहा जाता था , क्यों की मन जाता था की यहाँ देवी देवताओ का निवास भी रहा है |
Q2- हिमाचल कितने जिले हैं?
Ans- हिमाचल में कुल १२ जिले है | सबसे ज्यादा जनसँख्या वाला जिल्ला मंडी है, तथा क्षेत्रफल के अनुसार सबसे बड़ा जिला लाहुल और स्पीति मन जाता है |
Q3- हिमाचल प्रदेश की सुंदरता क्या है?
Ans- हिमाचल प्रदेश अपनी सुंदरता के लिए पुरे विश्वा भर में जाना जाता है , लोग यहाँ दूर दूर से बर्फ से ढकी खूबसूरत पहाड़ियों, देवदार और अन्य घने जंगलो, खूबसूरत बहती नदियों /धाराओं और मनोहक दृश्यों और इन सब के साथ यहाँ के विविधता भरे माहौल को देखने आते है| और यही चीजे हिमाचल की खूबसूरती है |

